हेलो जी गाइज़ तो कैसे है आप सब। उम्मीद है कि आप सब बढ़िया होंगे। कुछ दिनो बाद रिपब्लिक डे है, जिसके लिए हर साल पूरा भारत देश बहुत उत्सुक रहता है। रिपब्लिक डे हमारे देश में बड़ी ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है, फिर वो चाहे स्कूल में सेलब्रेट करना हो या फिर कॉलेज या किसी भी अन्य स्थान पर। 26 जनवरी को भारत का संविधान लागू होने के साथ – साथ हमारे भारत देश उस दिन आधिकारिक रूप से गणराज्य बना था। इसीलिए हर साल इस दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है।
हमारा देश का सविधान 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया था, इसीलिए इस दिन को पूरे भारत देश में बड़े ही उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दिन हमारे देश के प्रधानमंत्री हमारे देश के तिरंगे को फहराते है और साथ ही इसे और उत्साह से मनाने के लिए बच्चे अलग – अलग तरह की परेड निकलते है, और तरह – तरह की डान्स प्रतियोगिता भी रखी जाती है जिसमें बच्चे बढ़ – चढ़ कर हिस्सा लेते है। साथ ही बच्चे इस दिन के बारे में स्पीच देते है। इस साल 26 जनवरी को हमारा भारत देश 77वाँ गणतंत्रा दिवस मनाएगा।
26 जनवरी के लिए स्पेशल कोट्स और विशेज़

ना धर्म से बड़ा, ना जात से ऊँचा,
संविधान ने इंसान को इंसान बनाया।
गर्व है उस भारत पर,
जो गणतंत्र बनकर आगे बढ़ा।
संविधान की कलम से लिखा गया,
आजादी का सबसे मजबूत दस्तावेज़।
नमन उन सभी को,
जिन्होंने भारत को गणराज्य बनाया।

अधिकार भी मिले, कर्तव्य भी समझें,
यही संविधान की सीख है।
गणतंत्र दिवस पर,
भारत को सलाम है।
हम अलग-अलग हैं,
पर संविधान ने हमें एक किया।
यही भारत की असली ताकत है।

काग़ज़ पर लिखा संविधान,
दिलों में बसा विश्वास।
26 जनवरी ने दिया,
भारत को नया पहचान।
न्याय, समानता, स्वतंत्रता,
संविधान के ये तीन आधार।
इन पर खड़ा है भारत,
हम सबको इस पर गर्व है।

संविधान केवल किताब नहीं,
यह जीने का तरीका है।
26 जनवरी उसी विचार का उत्सव है।
तिरंगे के तीन रंग,
तीन मूल मंत्र बताते हैं।
साहस, शांति और समृद्धि,
यही गणराज्य की पहचान है।

जब क़ानून राजा हो,
और जनता शक्ति।
तभी देश कहलाता है,
सच्चा गणराज्य।
संविधान ने सिखाया,
सब बराबर हैं।
यही सोच भारत को,
महान बनाती है।

गणतंत्र दिवस का मतलब,
सिर्फ़ छुट्टी नहीं।
यह याद दिलाता है,
हमारी जिम्मेदारियाँ भी हैं।
ना झुके संविधान,
ना टूटे लोकतंत्र।
यही कामना है,
इस 26 जनवरी पर।

संविधान ने हमें अधिकारों की पहचान दी,
लोकतंत्र ने हमें अपनी आवाज़ दी।
आओ 26 जनवरी पर संकल्प लें,
भारत को और मजबूत बनाएँ।
गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ।
गर्व है हमें भारतीय होने पर,
गर्व है अपने संविधान पर।
गणतंत्र दिवस की,
आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ।

लोकतंत्र कोई तोहफ़ा नहीं,
यह रोज़ निभाने की चीज़ है।
26 जनवरी यही याद दिलाती है।
तिरंगे के नीचे खड़े होकर,
संविधान को याद करें।
यही सच्चा सम्मान है।

भारत तब मजबूत होगा,
जब उसका नागरिक जागरूक होगा।
गणतंत्र दिवस की यही सीख है।
हर पीढ़ी का कर्तव्य है,
संविधान को जीवित रखना।
26 जनवरी यही संदेश है।

गणतंत्र दिवस पर संकल्प लें,
सही को सही कहेंगे।
यही लोकतंत्र की रक्षा है।
संविधान की ताकत से,
भारत आज खड़ा है।
इसे कमजोर करना,
अपने ही भविष्य को तोड़ना है।

भारत की पहचान,
उसका लोकतंत्र है।
और लोकतंत्र की आत्मा,
संविधान है।
ना सिर्फ़ झंडा फहराएँ,
संविधान भी अपनाएँ।
यही गणतंत्र दिवस का अर्थ है।

संविधान ने हमें अधिकार दिए,
अब देश को दिशा देना,
हम सबकी जिम्मेदारी है।
लोकतंत्र कमजोर नहीं होता,
हम उसे कमजोर बनाते हैं।
संविधान का सम्मान,
इसे मजबूत करता है।

संविधान की कलम से लिखा गया,
आजादी का सबसे मजबूत दस्तावेज़।
नमन उन सभी को,
जिन्होंने भारत को गणराज्य बनाया।
ना धर्म से बड़ा, ना जात से ऊँचा,
संविधान ने इंसान को इंसान बनाया।
गर्व है उस भारत पर,
जो गणतंत्र बनकर आगे बढ़ा।

गर्व है हमें भारतीय होने पर,
गर्व है अपने संविधान पर।
गणतंत्र दिवस की,
आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ।
तिरंगे के नीचे खड़े होकर,
संविधान को याद करें।
यही सच्चा सम्मान है।

भारत तब मजबूत होगा,
जब उसका नागरिक जागरूक होगा।
गणतंत्र दिवस की यही सीख है।
हर पीढ़ी का कर्तव्य है,
संविधान को जीवित रखना।
26 जनवरी यही संदेश है।

गणतंत्र दिवस पर संकल्प लें,
सही को सही कहेंगे।
यही लोकतंत्र की रक्षा है।
संविधान की ताकत से,
भारत आज खड़ा है।
इसे कमजोर करना,
अपने ही भविष्य को तोड़ना है।

भारत की पहचान,
उसका लोकतंत्र है।
और लोकतंत्र की आत्मा,
संविधान है।
ना सिर्फ़ झंडा फहराएँ,
संविधान भी अपनाएँ।
यही गणतंत्र दिवस का अर्थ है।

संविधान ने हमें अधिकार दिए,
अब देश को दिशा देना,
हम सबकी जिम्मेदारी है।
लोकतंत्र कमजोर नहीं होता,
हम उसे कमजोर बनाते हैं।
संविधान का सम्मान,
इसे मजबूत करता है।

26 जनवरी हमें बताती है,
देश चलाना आसान नहीं।
पर मिलकर चलाएँ,
तो नामुमकिन भी नहीं।
तिरंगा लहराए आसमान में,
संविधान जिए दिलों में।
यही सच्चा उत्सव है।

संविधान ने हमें सिखाया,
असहमति भी लोकतंत्र है।
यही भारत की खूबसूरती है।
गणतंत्र दिवस का जश्न,
तिरंगे से शुरू होता है।
पर जिम्मेदारी से पूरा होता है।
